Official Gazette Notification Text
Official TranscriptUeM-__26/2026/2357/ Aid -ea- 9 (Tale )-2026-07-9002(00)/23/2024 प्रेषक, उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, महानिबन्धक, AIO उच्च न्यायालय, इलाहाबाद। न्याय अनुभाग- १(बजट) लखनऊ : दिनांक 22 जनवरी,2026 विषय : मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के प्लाट सं0- 9, क्लाईव रोड, प्रयागराज पर AIO न्यायमूर्तिगण हेतु |4 बंगलो के निर्माण प्रायोजना हेतु धनराशि अवमुक्त किये जाने सम्बन्ध...
UeM-__26/2026/2357/ Aid -ea- 9 (Tale )-2026-07-9002(00)/23/2024 प्रेषक, उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, महानिबन्धक, AIO उच्च न्यायालय, इलाहाबाद। न्याय अनुभाग- १(बजट) लखनऊ : दिनांक 22 जनवरी,2026 विषय : मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के प्लाट सं0- 9, क्लाईव रोड, प्रयागराज पर AIO न्यायमूर्तिगण हेतु |4 बंगलो के निर्माण प्रायोजना हेतु धनराशि अवमुक्त किये जाने सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक कृपया संख्या- 373 /2024 /823349/ सात-नन््याय-9(बजट)- 2024-07- 9002 (00!) / 23 / 2024 दिनांक ॥3 दिसम्बर, 2024 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करे,जिसके द्वारा AO उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के प्लाट सं0-9, क्लाईव रोड, प्रयागराज पर AO न्यायमूर्तिंगण हेतु 4 बंगलो के निर्माण प्रायोजना हेतु धनराशि BO 624.40 लाख (रू0 बासठ करोड़ Sees लाख चालीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किये जाने के आदेश निर्गत किये गए है। 2-. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि AO उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के tele सं0- 9, क्लाईव रोड, प्रयागराज पर AO न्यायमूर्तिगण Sq (4 बंगलो के निर्माण प्रायोजना हेतु उक्तानुसार प्रदान की गयी धनराशि BO 624.40 लाख (BO बासठ करोड़ इक्तालीस लाख चालीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम किश्त के रूप में धनराशि रु0 2784.49 लाख (रू0 इक्कीस करोड़ चौरासी लाख उनचास हजार मात्र) अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल निम्नलिखित शर्तों एवं प्रातिबंधो के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है- l. प्रश्नगत प्रायोजना हेतु ई०पी०्सी० मोड /मिशन के अंतर्गत उ0प्र0 ल्रोक निर्माण विभाग कार्यदायी संस्था नामित है। अतः उक्त स्वीकृत धनराशि अधिशासी अभियंता,निर्माण wWs-i, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज को उपलब्ध कराने हेतु महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय,इलाहाबाद को अधिकृत किया जाता है|
2. कार्यदायी संस्था द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैद्यानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरण क्लियरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य कराया जायेगा।
3. प्रायोजना का निर्माण कार्य के सम्बन्ध में आवश्यक मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप विभाग द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
4. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व सुनिश्चित किया जायेगा कि स्वीकृत किये जा रहे इस कार्य हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा किसी अन्य ala से धनराशि स्वीकृत नही की गयी है तथा न ही यह कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित है। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों को यथावत मानते हुये लागत का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था का होगा। वित्त विभाग के सुसंगत शासनादेशों के अनुसार प्रायोजना का निर्माण ई0पी0सी0 मोड द्वारा कराया जाना है। अत: प्रश्नगत प्रायोजना के सम्बन्ध में ई0पी0सी0 मोड की समस्त प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर उसका कब्जा विभाग को उपलब्ध करा दिया जायेगा। परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त आय-व्ययक अनुभाग- | शासनादेश दिनांक 27.06.20i7 का Aqua सुनिश्चित किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। i0. प्रश्तनगत धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा। कार्यदायी संस्था द्वारा पीएएफ0ए0डी0 की शर्तों/प्रतिबन्धों का i/.
(2. (3.
4.
5.
6.
7.
8. अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। लेबर सेस की धनराशि श्रम विभाग को नियमानुसार उपलब्ध कराया जायेगा। उपकरणों का क्रय सुसंगत नियमों एवं शासनादेशों केअनुसार समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुये सूक्ष्य, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश दिनांक 23.08.20i7 के अनुसार किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 आंकलित की गयी है, जो वास्तविकता के आधार पर देय होगी। कार्यदायी संस्था द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित किया जाये कि प्रायोजनान्तर्गत विभिन्न कार्यमदों में जीएएस0टी0 अलग से सम्मिलित न हो। नियमानुसार सामग्री एवं वस्तुओं/सेवाओं का क्रय गवर्नमेन्ट ई- मार्केटप्लेस((फ्रो/ई-टेन्डरिंग के माध्यम से किया जायेगा। प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। कार्ययोजना में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे नये कार्य बढाना, कार्यो के आकारकक्षेत्रफल में Tie एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि बिना पी0एफ0ए0डी0 के पूर्व अनुमोदन के प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। कार्यदायी संस्था द्वारा सेन्टेज चार्जेज(प्रतिशत प्रभार), निर्माण ल्रागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त(लेखा) अनुभाग- 2 के नवीनतम शासनादेश सं0- 0l/2023/U-2-60/Ga-2023-7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश सं0- 02/2023/U-2-66/Ga-2023-7(4)/75, दिनांक 9.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।9. क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था प्रोप्राइटरी श्रेणी के कार्यों हेतु निर्माताओं से प्रतिस्पर्धा के आधार पर दरें प्राप्त करें, चूंकि उनके शिड्यूल ऑफ रेट्स उपलब्ध नहीं होते हैं तथा इनके मेक, माडल एवं स्पेसिफिकेशन के अन्तर आना स्वाभाविक है।
20. न्याय विभाग के मूल शासनादेश संख्या- ३73/2024/823349/सात-न्याय-9(बजट)-2024-07- 9002(00I)/23/2024 दिनांक ॥3 दिसम्बर, 2024 एवं व्यय वित्त समिति द्वारा अधिरोपित शर्तों एवं प्रतिबंधो का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।|
2). वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-2 के शासनादेश सं0- 24/2022/बी-2-28/दस-2022-एम- ३/209, दिनांक 07.0.2022 A प्राविधानित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
22. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AM AO-6/2025/al--352/qH-2025- 23/2025, fea 27.03.2025एवं अन्य सुसंगत शासनोदश के प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 3- इस सम्बन्ध A होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान सं0- 42 के अधीन लेखाशीर्ष 42॥6-आवास पर पूंजीगत परिव्यय-0-सरकारी रिहायसी भवन-700-अन्य आवास-07-मा0 उच्च न्यायालय के न््यायमूर्तिगण के लिये आवासीय भवनों का निर्माण-24-वृहत निर्माण कार्य' के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AGA-E-2-446-X-2025-26, दिनांक 9.0:.2026 gt प्रदान की गयी सहमति से निर्गत किया जा रहा है। भवदीय, उदय प्रताप सिंह प्रमुख सचिव । संख्या- 26 /2026/(2357()/Miea-FaI-9(TaHC)-2026, तददिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l. प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) रिपोर्ट लेखा अनुभाग, उ0प्र0 इलाहाबाद। ७ प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), SOUO इलाहाबाद। प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग,लखनऊ,उत्तर प्रदेश शासन| प्रमुख सचिव, नियोजन विभाग,लखनऊ,उत्तर प्रदेश शासन| वरिष्ठ निबन्धक, AO उच्च न्यायालय, इलाहाबाद,लखनऊ खण्डपीठ लखनऊ। जनपद न्यायाधीश, प्रयागराज। श्री पीयूष कुमार, अनुसचिव एवं नोडल अधिकारी(बजट एलाटमेंट)। निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, प्रथम तल जवाहर भवन, लखनऊ। मुख्य अभियंता(भवन सेल)/पी0एम्0जी0एस0वाई0,लोक निर्माण विभाग, लखनऊ;
- मुख्य अभियंता(तकनीकी सेल)/ई०पी'मी० मिशन, नियोजन विभाग, लखनऊ| . मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कल्लेक्ट्रेट, प्रयागराज। - मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,इंदिरा भवन, सिविल्र लाइन्स प्रयागराज। ., निजी सचिव, अध्यक्ष अवस्थापना,मा0 उच्च न्यायालय,इलाहाबाद को ATO अध्यक्ष के अवगतार्थ| , अधिशासी अभियंता,निर्माण Ws-i, लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज . अधीक्षण अभियंता,पी0एम्0जी0एस0वाई0,लोक निर्माण विभाग, प्रयागराज | AOA N DD (७ FP W NY — — — — — —Ul ने wo Pe- O I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।6. सब-यूजर, बजट एलाटमेंट (विभागाध्यक्ष स्तर), SOUO शासन।
7. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग- 2
8. गार्डफाईल। आज्ञा से, (मुकेश कुमार fell) विशेष सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।