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Official TranscriptPEA: 26/2026/60/3i6-I-26/200446I प्रेषक, गिरीश चन्द्र मिश्र, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद। आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-! लखनऊ: दिनांक OS Had, 2026 विषयः गाजियाबाद के अन्तर्गत Aelete-202 में जोनल प्लान रौज़नगर एक्टेंशन में प्रस्तावित सड़क 30 मी0 dst जोनल सड़क क्रमांक संख्या-बींए। (30 Alo चौड़ी) के अवशेष भाग (बी-2 एवं आउटर रिंग रोड ए-2 के...
PEA: 26/2026/60/3i6-I-26/200446I प्रेषक, गिरीश चन्द्र मिश्र, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद। आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-! लखनऊ: दिनांक OS Had, 2026 विषयः गाजियाबाद के अन्तर्गत Aelete-202 में जोनल प्लान रौज़नगर एक्टेंशन में प्रस्तावित सड़क 30 मी0 dst जोनल सड़क क्रमांक संख्या-बींए। (30 Alo चौड़ी) के अवशेष भाग (बी-2 एवं आउटर रिंग रोड ए-2 के मध्य) में, सेड़क, सीवरेज एवं saat का निर्माण कार्य संबंधी परियोजना की प्रशासकीय<एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किये जाने तथा प्रथम किश्त की धनराशि की स्वीकृति (2025-26) के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक आपके पत्र संख्या-485 /4./ई0ई /2025-26, दिनांक 0.2.2025 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ। Strasse के अन्तर्गत महायोजना-202 में जोनल प्लान राजनगर एकटेंशन मेँ प्रेस््तावित सड़क 30 Alo चौड़ी जोनल सड़क क्रमांक संख्या-बी-] (30 Ao चौड़ी) के अबशेषे भाग (बी-2 एवं आउटर रिंग रोड ए-2 के मध्य) में सडक, सीवरेज एवं ड्रेनेज#&का (निर्माण कार्य संबंधी परियोजना की मूल्यांकित लागत रू0
053.95 लाख की५प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम fet के रूप में धनराशि BO 526.975 लाख (रू0 पांच करोड़ छब्बीस लाख सत्तानबे हजार पांच सौ मात्र) को चालू वित्तीय, वर्ष 2025-26 में आहरित कर व्यय किये जाने की सहर्ष स्वीकृति राज्यपाल निम्नल्लिखित्त Wel एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान करती हैं:- (]) 'प्रश्नगत, कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग-6 के HCAI-2 के UEAt-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति wa होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
(2) कार्यदायी संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के Weat-2 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डड्स आफ फाइनेन्शियल प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा।
(3) कार्य की विशिष्टियों, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की होगी तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य निर्धारितसमय सीमा अवधि में ही पूर्ण हो जाये। कार्यदायी संस्था गाजियाबाद विकास प्राधिकरण होगी।
(4) स्वीकृत धनराशि आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि किसी बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वित्तीय वर्ष में कर लिया जाए तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
(5) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समग्रच्समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा। प्रायोजना A सोमाग्री का क्रय सुसंगत वित्तीय नियमों के अधीन किया जायेगा।
(6) प्रश्तगत धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा।
(7) कार्य की द्विरावृति को रोकने के दृष्टि सेगाजियाबाद विकास प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वीकृत किये जा रहे इस कार्य eq पूर्व में राज्य, सरकोर अथवा किसी अन्य स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है ama ही Be कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मिलित/प्रस्तावित है।
(8) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा नियमान्नुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय seater सक्षम स्तरूच्से Us करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
(9) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा७सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से संबंधित«अवित्तीय प्रबन्धन के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश AEA-0/2023/V-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश ७, संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-7(4)/75,. दिनांक
9.05.2028 में।निह्वित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
(I0) गाजियाबाद बिकास प्राधिकरण द्वारा प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा लगायी गयी समस्त श्शर्तों का पूर्णत: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (॥॥) ५प्रायोंजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट /स्टील»ग्रिट/मौरंग/ ई0एण्डएम0 इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मित्रान करते हुए जी0एस0टी0 का भुगतान किया जाये।
(i2) प्रायोजनान्तर्गत प्राविधानों कोयथावत मानते हुए प्रायोजना का परीक्षण किया गया है, जिसमें कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे नये कार्य को सम्मिलित करना, कार्यों के आकारमें वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियों का इस्तेमाल करना इत्यादि सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
(43) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यात्रय-ज्ञाप के UEA-6/2025/a--352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियों निर्गत किये जाने के संबंध में दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(44) वित्त विभाग के शासनादेश AEA-0/202/al-2-96/GH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202। के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति कज्षिर्गतज्ञ की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय «स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत से अधिक Alege et रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन का गठन करते हुए 3 माह Hvar पुनरीक्षित आगणन पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया ज्ञाए, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा विचार adh far 'जायेगा।
(i5) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा अधिष्ठान व्यय AP धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के साप्रेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा)अनुभाग-2 के शासनादेश ATI -2+23 /G-200I-7(4)/75, दिनांक
25.0.20I! पठित शासनादेश AGA-V=2-4606/GH-20I4-7(4)/75, दिनांक ॥ नवम्बर, 20I4 ae जारी विस्तृत fee निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
(6) Wadd परियोजना हेतु सीड>कैषिटल के रूप में स्वीकृत की जा रही धनराशि ब्याज मुक्त होगी, जिसकी अदायगी|आगामी i0 ast में समान वार्षिक किश्तों में सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा 5७प्र0,राज्य सरकार को सुनिश्चित की जायेगी।
(i7) गाजियाबाद' विकास .प्राधिकरण द्वारा निधारित समयावधि A As कैपिटल की अदायगी न करने की दशा (में सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा डिफाल्ट अवधि के लिए 3.5 प्रतिशत की दर सें१ठण्डाल्मक ब्याज भी राज्य सरकार को देय होगा। (।8) «गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ds कैपिटल से प्राप्त धनराशि को प्रश्नगत परियोजना Uva जगह निवेश करेंगे, जहां से आय अर्जित हो सके, ताकि प्राधिकरण द्वारा इसकी अदायगी समय से सुनिश्चित की जा सके।
(i9) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जब तक सीड कैपिटल की समय से अदायगी सुनिश्चित नहीं की जाती है, तब तक सम्बन्धित प्राधिकरण को राज्य सरकार द्वारा किसी प्रकार की अन्य वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जायेगी।
(20) स्वीकृत धनराशि का बिल आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के लेखा अनुभाग द्वारा बनाया जायेगा तथा उसे तत्काल कोषागार से आहरित करके आहरण के ASN संख्या व तिथि की सूचना शासन तथा महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, WANT को दी जायेगी।आहरित धनराशि कार्यदायी संस्था -गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को qed उपलब्ध करायी जायेगी।
(2I) उक्त परियोजना की नोडल एजेन्सी-मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक तथा कार्यदायी संस्था-गाजियाबाद विकास प्राधिकरण होगी। कार्यदायी Aen- गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा नोडल एजेंसी-मुखय नगर एवं ग्राम नियोजक के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का विवरण प्रत्येक माह शासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(22) प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुसार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा स्थानीय विकास प्राधिकरण»सक्षम, aha Tae से स्वीकृत कराया जाए।
(23) गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा आईआरसी 37:20i8 के अनुसार्मोर्गों की क्रस्टन डिजाइन का निर्धारण करते हुए तकनीकी स्वीकृति faa ht जाये तथा आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर अधीक्षण अभियंता, लो७नि७वि७ से इस हेतु परामर्श प्राप्त किया जाये।
(24) दिव्यांगणन सशक्तीकरण विभाग के शासनादेश AEA -05/202I/File No. 65- 203/2/20I9-2 दिनांक 5.0.202 के Aqua क्रम में दिव्यांगजन हैतु भवनों को दिव्यांगजन हितैषी /बाधारहित Ta sta के लिए भारत सरकार द्वारा निर्गत "Harmonized guidelines and standards foruniversal accessibility in India, 202" दिये गये प्राविधानों के अनुसार कार्यदायी संस्था द्वारा भवन का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय«रूषये 526.975 लाख (रू0 पांच करोड़ छब्बीस लाख सत्तानबे हजार पांच सौ मात्र) Hh चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-002 लेखा शीर्षक 4277608000800 लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र A अवस्थापना सुविधाओं का विकास तथा वाराणसी व अन्य शहरों में रोपश्वे बिकसित करने हेतु मानक मद 30 निवेश/ऋण मद में डाला जायेगा। 3- यह आद्वेश१९वित्तं विभाग के अ0शा0 संख्या- E-8-849-X-2025-26 दिनांक 29.04.2026 में प्राप्त"्ठनकी सहमति से निर्गत किया जा रहा है। भवदीय, गिरीश चन्द्र मिश्र संयुक्त सचिव।
HEA:26/2026/60/35--26/200446I, तद्विनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- l. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। ने महालेखाकार (लेखा-परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। मण्डलायुक्त, मेरठ मण्डल, मेरठ। जिलाधिकारी, गाजियाबाद। Ww PPसचिव“वित्त नियंत्रक, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को इस आशय
0. i.
I2. i3. से प्रेषित कि उक्त धनराशि उपलब्ध कराने हेतु गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का बैंक खाता (राष्ट्रीयकृत बैंक) एवं आई0एफ0एस0सी0 कोड की सूचना ईमेल आई0डी0 ddoawash@gmail.com पर एवं हार्डकापी लेखा अनुभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, 50प्र0 शासन को तत्काल उपलब्ध कराये। मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ। निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। निदेशक, आवास IY, लखनऊ को शासनादेश की प्रति विभागीय वेबसाइट पर अष-लोड करने हेतु। वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, SOUO शासन। नियोजन अनुभाग-4, SOUO शासन। मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उ0प्र७, लखनऊ | लेखा अनुभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0«शासन| को इस अनुरोध के साथ कि धनराशि का कोषागार से आहरण कर गाजियाबादे७विकासं प्राधिकरण के खाता संख्या में उपलब्ध कराने का कष्ट करें। गार्ईडफाइल। आज्ञा से, गिरीश चन्द्र मिश्र संयुक्त सचिव।