Official Gazette Notification Text
Official Transcriptसंख्या-9/2026/आई/4226355/2026/65-2099/54/2025 प्रेषक, संतोष कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, SOW, डन्दिरा इॉन्दरा भवन, लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण अनुभाग-2 लखनऊ:दिनांक 04 फरवरी, 2026 विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद-फतेहपुर में स्टाफ आवास के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति सहित वित्तीय स्वीकृति...
संख्या-9/2026/आई/4226355/2026/65-2099/54/2025 प्रेषक, संतोष कुमार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, SOW, डन्दिरा इॉन्दरा भवन, लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण अनुभाग-2 लखनऊ:दिनांक 04 फरवरी, 2026 विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद-फतेहपुर में स्टाफ आवास के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति सहित वित्तीय स्वीकृति (प्रथम किश्त) के सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक आपके पत्र संख्या-सी-2975/दि0ज0स0वि0/निर्माण/समे0स्टा0आवास/2025- 26 दिनांक 03 नवम्बर, 2025 के अनुक्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद-फतेहपुर में स्टाफ आवास के निर्माण कार्य हेतु प्रस्तावित आगणन लागत SO 8(7.04 लाख (रूपये आठ करोड़ AAS लाख चार हजार मात्र) के सापेक्ष प्रायोजना रचना एवं मूल्याकंन प्रभाग द्वारा मूल्यांकित लागत रू0 793.79 लाख (रू0 सात करोड़ तिरानवे लाख SIT हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा इस कार्य हेतु प्रथम किश्त के रूप में रू0 238.054 लाख (रू0 दो करोड़ अड़तीस लाख पाँच हजार चार सौ मात्र) की धनराशि स्वीकृत कर व्यय किये जाने हेतु आपके निवर्तन पर रखे जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति निम्नलिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान करते हैं:- () प्रश्नगत कार्य हेतु धनराशि राज्य बजट से स्वीकृत की जा रही Sl धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार किश्तों में व नियमानुसार किये जाने का पूर्ण दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 एवं कार्यदायी संस्था का होगा। स्वीकृत धनराशि के आहरण एवं व्यय में वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर निर्गत शासनादेशों/आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(ii) योजना हेतु स्वीकृत की जा रही धनराशि को पी0एल0ए0/बैंक खाते इत्यादि में नहीं रखा जायेगा।
(iii) धनराशि की स्वीकृति/आहरण एवं अन्य कार्यवाहियां वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप WeqT-6/2025/at--352/ea-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में दी गयी शर्तों एवं प्रतिबन्धों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(iv) आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी की श्रम विभाग को Gat धनराशि का भुगतान किया जायेगा एवं कार्यदायी संस्था द्वारा आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज चार्ज लिया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(५) प्रयोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त ही कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी निदेशक, दिव्यांगजन सशकतीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का होगी।
(vi) नियमानुसार एवं आवश्यकतानुसार समस्त आवश्यक बैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही कार्य कराया जायेगा।
(vii) आगणन में जो ड्राईंग प्रस्तुत की गयी है, उसके अनुसार स्थान उपलब्ध होना चाहिए यदि ड्राईंग के अनुसार कार्यवाही नहीं की जाती है, तो उसके लिये कार्यदायी संस्था उत्तरदायी होगी। यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यों की गुणवत्ता उच्चकोटि की हो तथा समय-समय पर सम्पादित कराये जा रहे निर्माण कार्यों की मानीटरिंग भी की जायेगी। (शा) प्रायोजनान्तर्गत निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल आथॉरिटी से स्वीकृत कर कराया जायेगा। (0 प्रश्नगत प्रायोजना प्रस्ताव में प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों को यथावत मानते हुये मात्र दरों का परीक्षण किया गया है। मात्राओं को निर्माण/स्थापना के समय सुनिश्चित किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
(x) प्रायोजनान्तर्गत 78 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का यह दायित्व है कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान कराया जाये। साथ ही यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यों में वास्तविक खपत हुई सामग्री की मात्राओं का आनुपातिक/मानक मिलान करते हुये जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। जी0एस0टी0 के संबंध में वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8 के शासनादेश दिनांक 43 सितम्बर, 2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
(xi) प्रयोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि प्रायोजनान्तर्गत फायर फाइटिंग इत्यादि संबंधी कार्य नेश्नल बिल्डिंग कोड/अन्य संबंधी कोड के अनुरूप FI
(xii) प्रायोजनान्तर्गत सम्मिलित बाटआउटस आइटम्स की श्रेणी से आच्छादित कार्यों हेतु कार्यदायी संस्था को कोई भी सेंटेज चार्ज देय नहीं होगा। उक्त के संबंध में वित्त लेखा अनुभाग-4 के शासनादेश दिनांक 44 सितम्बर, 2022 के प्रावधानों का पूर्ण रूपेण अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
(xiii) प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किये जाने की तिथि से 48 माह में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाये। प्रायोजना का निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा, जिससे टाइम ओवर रन एवं कास्ट ओवर रन की स्थिति उत्पन्न न हो।
(xiv) आगणन में उल्लिखित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत माना गया है, जिसमें कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे:-नये कार्य बढ़ाना, कार्यों के आकार में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियाँ इस्तेमाल करना इत्यादि सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
(Xv) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में न ही किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यह सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश/कार्यदायी संस्था को होगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नहीं है तथा इस हेतु पूर्व में किसी अन्य योजना/स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(xvi) प्रश्नगत निर्माण कार्य में भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दिव्यांगजन के लिये सभी भवतनों में पहुंच हेतु सुगम्य एवं बाधारहित वातावरण बनाये जाने के लिये निर्गत "Harmonized Guidelines and Standards for Universal Accessibility In India, 2024" का अनुपालन किये जाने का उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
(xvii) प्रायोजना की लागत में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन न हो। इस संबंध में शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश एवं बजट मैनुअल के प्रस्तर-242 में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 एवं कार्यदायी संस्था का होगा।
(xviii) यह सुनिश्चित किया जायेगा कि वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्थानुसार प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् ही कार्य कराया जायेगा।
(xix) प्रश्नगत स्वीकृति मानक के संबंध में निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के आधार पर दी जा रही है, यदि मानक के संबंध में कोई सूचना/तथ्य गलत पाए जाते हैं, तो उसका उत्तरदायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी AAT का होगा।
(xx) प्रायोजना का विस्तृत आगणन (डी0पी0आर0) प्रमुख अभियंता, उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (भवन वर्ग) के पत्रांक दिनांक 40.40.2023 एवं पत्रांक दिनांक 26.0.2023 के द्वारा डी0एस0आर0- 2023 की दरों में फैक्टर/कास्ट इंडेक्स का समावेश करते हुए आगणन का गठन किया गया है। कतिपय ऐसी कार्यमर्दे उक्त दरों में उपलब्ध नहीं है, उन्हें बाजार दरों/कोटेशन के आधार पर प्रस्तावित की गयी हैं। तद्नुसार लागत का परीक्षण किया गया है।
(xxi) शासनादेश में उल्लिखित शर्तों का अनुपालन निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0/ कार्यदायी संस्था तथा निदेशालय में तैनात वित्त नियंत्रक /लेखाधिकारी/वित्तीय सलाहकार द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
(xxii) वित्त विभाग के शासनादेश AEAT-07/2023/0-2-60/e4-2023-7(4)/75, दिनांक 47 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर कॉस्ट) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुये पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि THT न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
(xxiii) वित्त विभाग के शासनादेश AeEAT-0/202/at-2-96/za-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 2024 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 40 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन का गठन करते हुये 3 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
(xxiv) WATT धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान योजना से सम्बन्धित भारत सरकार/राज्य सरकार की गाइडलाइन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशकतीकरण विभाग, उ0प्र0/कार्यदायी संस्था का होगा।
(xxv) TAT निर्माण कार्य हेतु निर्विवादित भूमि की उपलब्धता एवं अन्य विभागों से क्लीरियन्स प्राप्त किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का होगा। (१०९५) प्रायोजनान्तर्गत कैम्पस में मिट्टी भराई हेतु रू0 5.00 लाख की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। मिट्टी भराई की लागत जिलाधिकारी द्वारा गठित तकनीकी समिति द्वारा संस्तुत नहीं है। व्यय वित्त समिति की बैठक दिनांक 77.08.2025 at et भराई से संबंधित सुसंगत शासनादेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के निर्देशों के क्रम में मिट्टी भराई मद में प्रस्तावित धनराशि अनुमन्य नहीं की गयी है। उक्त मद में प्रस्तावित लागत जिलाधिकारी द्वारा गठित तकनीकी समिति की संस्तुति के उपरान्त देय होगी।
(xxvii) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित विद्युत कनेक्शन हेतु रू0 4.00 लाख की धनराशि सम्मिलित की गयी है। प्रभाग का मत है कि प्रशासकीय विभाग द्वारा विस्तृत आगणन यू0पी0सी0एल0 के सक्षम सतर से प्राप्त कर वास्तविकता के आधार पर भुगतान किया जाय। वाह्म विद्युत संयोजन मद में वास्तविक धनराशि देय होगी।
(xxviii) TATA थर्ड पार्टी क्वालिटी कन्ट्रोल हेतु सिविल कार्यों की लागत पर 0.5 प्रतिशत की दर से धनराशिअनुमन्य कर दी गयी Sl प्रशासकीय विभाग द्वारा थर्ड पार्टी क्वालिटी Heater हेतु प्रतिष्ठित एवं अनुभवी संस्थान का चयन किया जाय। चयनित संस्था द्वारा न्यूनतम 5 बार स्थलीय निरीक्षण कार्य किया जायेगा तथा प्रत्येक निरीक्षण कार्य करने के उपरान्त प्रशासकीय विभाग एवं कार्यदायी संस्था को स्थलीय रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी। उक्त रिपोर्ट से पूर्ण रूप से संतुष्ट होने के उपरान्त ही प्रशासकीय विभाग द्वारा क्वालिटी Heart हेतु चयनित संस्था को धनराशि Hat की जायेगी।
2. उपर्युक्त निर्माण कार्य पर होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-79 के लेखाशीर्ष 4235-सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण पर पूंजीगत परिव्यय-02-समाज कल्याण- 404-विकलांग व्यक्तियों का कल्याण-47-समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों में स्टाफ हेतु आवास का निर्माण-24-वृहत निर्माण कार्य मद के नामे डाला जायेगा।
3. यह आदेश वित्त विभाग के अशा0 Aea-E-4-492-X-2025-26 दिनांक 28-04-2026 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। संलग्नक:-मूल्यांकित लागत का विवरण। भवदीय, संतोष कुमार उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या/दिनांक तदैव। प्रतिलिपि-निम्नलिखित को कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
4. महालेखाकार-लेखा एवं हकदारी प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज |
2. जिलाधिकारी, फ़तेहपुर।
3. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
4. प्रबन्ध निदेशक, कन्स्ट्रक्शन एण्ड डिजाइन सर्विसेज, उ0प्र0 जल निगम, लखनऊ/ महाप्रबन्धक (नि0-
06)/नो0अधि0, Heard एण्ड डिजाइन सर्विसेज, उ0प्र0 जल निगम, लखनऊ।
5. उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज।
6. जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, फतेहपुर।
7. वित्त (आय-व्ययक) ATATT-7/ राज्य योजना ATAUT-
8. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-4।
9. गार्ड फाइल। आज्ञा से, संतोष कुमार उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |